Skip to main content

परमेश्वर द्वारा न्याय का फैसला - बाइबल कहानियाँ

 

परमेश्वर द्वारा न्याय का फैसला


उत्पत्ति अध्याय 6-8 से एक बाइबल की कहानी

OBS Image

बहुत समय के बाद, संसार में बहुत से लोग रहते थे। वे बहुत दुष्ट और उपद्रवी हो गए थे। यह इतना बुरा था कि परमेश्वर ने एक बड़ी बाढ़ से इस पूरे संसार को नष्ट करने का निर्णय लिया।

OBS Image

परन्तु परमेश्वर नूह से प्रसन्न था। वह दुष्ट मनुष्यों के बीच रहने वाला एक धर्मी व्यक्ति था। परमेश्वर ने नूह को बताया कि वह एक विशाल बाढ़ को लाने वाला है। इस कारण, उसने नूह से एक बड़ी नाव बनाने के लिए कहा।

OBS Image

परमेश्वर ने नूह को लगभग 140 मीटर लंबी, 23 मीटर चौड़ी और 13.5 मीटर ऊँची नाव बनाने के लिए कहा। नूह को उसे लकड़ी से बनाना था और उसमें तीन तल, बहुत से कमरे, एक छत और एक खिड़की बनानी थी। वह नाव नूह, उसके परिवार, और भूमि के हर प्रकार के जानवरों को उस बाढ़ से सुरक्षित रखेगी।

OBS Image

नूह ने परमेश्वर की बात मानी। उसने और उसके पुत्रों ने वैसी ही नाव बनाई जैसी परमेश्वर ने बताई थी। क्योंकि वह नाव बहुत बड़ी थी इसलिए उसे बनाने में कई वर्ष लगे। नूह ने लोगों को आने वाली बाड़ के विषय में चेतावनी दी और उनको परमेश्वर की ओर फिरने के लिए कहा, परन्तु उन्होंने उस पर विश्वास नहीं किया।

OBS Image

परमेश्वर ने नूह और उसके परिवार को अपने लिए और जानवरों के लिए पर्याप्त भोजन इकट्ठा करने का आदेश भी दिया। जब सब कुछ तैयार था, तो परमेश्वर ने नूह से कहा कि यह समय उसके, उसकी पत्नी के, उसके तीन पुत्रों के, और उनकी पत्नियों के – कुल मिलाकर आठ जनों के नाव में जाने का था।

OBS Image

परमेश्वर ने हर जानवर और पक्षी के नर और मादा को नूह के पास भेजा ताकि वे नाव में जा सकें और बाढ़ के दौरान सुरक्षित रह सकें। परमेश्वर ने ऐसे हर प्रकार के जानवरों के सात नर और सात मादाओं को भेजा जिनको बलि चढ़ाने के लिए उपयोग किया जा सके। जब वे सब नाव में पहुँच गए तो स्वयं परमेश्वर ने नाव के द्वार को बंद कर दिया।

OBS Image

तब बारिश होना आरम्भ हुआ, और बारिश होती गई, होती गई। बिना रुके चालीस दिन और चालीस रातों तक बारिश होती रही। सारे संसार की हर एक चीज, यहाँ तक कि ऊँचे से ऊँचे पर्वत भी पानी में डूब गए।

OBS Image

सूखी भूमि पर रहने वाली हर एक चीज मर गई, उन लोगों और जानवरों को छोड़ कर जो नाव में थे। वह नाव पानी पर तैरती रही और नाव के भीतर की हर एक चीज को डूबने से सुरक्षित रखा।

OBS Image

बारिश के रुक जाने के बाद, पाँच महीने तक वह नाव पानी पर तैरती रही, और उस समय के दौरान पानी कम होने लगा था। तब एक दिन वह नाव एक पर्वत की चोटी पर जा टिकी, लेकिन संसार अभी भी पानी से ढका हुआ था। तीन महीने के बाद, पर्वतों की चोटियाँ दिखाई देने लगी थीं।

OBS Image

फिर और चालीस दिनों के बाद, नूह ने एक कौवे को यह देखने के लिए बाहर भेजा कि क्या पानी सूख गया था। वह कौवा सूखी भूमि की खोज में इधर-उधर उड़ता रहा, परन्तु उसे ऐसा कोई स्थान न मिला।

OBS Image

फिर बाद में नूह ने एक कबूतरी को बाहर भेजा। परन्तु उसे भी कोई सूखी भूमि न मिली, इसलिए वह नूह के पास वापिस आ गई। एक सप्ताह के बाद उसने उस कबूतरी को फिर से भेजा, और वह अपने चोंच में जैतून की एक शाखा लिए हुए वापिस आई। पानी घट रहा था, और पौधे फिर से उगने लगे थे।

OBS Image

नूह ने एक सप्ताह और प्रतीक्षा की और तीसरी बार उस कबूतरी को बाहर भेजा। इस बार, उसे ठहरने का स्थान मिल गया और वह वापिस नहीं आई। पानी सूख रहा था।

OBS Image

दो महीने बाद परमेश्वर ने नूह से कहा, "अब तू और तेरा परिवार और सारे जानवर नाव से निकल आओ। बहुत सारी संतानें और पोते-परपोते उत्पन्न करो और पृथ्वी को भर दो।" अतः नूह और उसका परिवार नाव से बाहर निकल आया।

OBS Image

नूह के नाव से बाहर आने के बाद, उसने एक वेदी बनाई और बलि के लिए उपयोग किए जा सकने वाले हर प्रकार के जानवरों में से कुछ को लेकर बलि चढ़ाई। परमेश्वर उस बलि से प्रसन्न हुआ और नूह और उसके परिवार को आशीष दी।

OBS Image

परमेश्वर ने कहा, "मैं प्रतिज्ञा करता हूँ कि मनुष्यों द्वारा किए जाने वाले बुरे कामों के कारण मैं फिर कभी भूमि को श्राप नहीं दूँगा या बाढ़ द्वारा संसार को नष्ट नहीं करूँगा, हालाँकि मनुष्य अपने बचपन के समय से ही पापी हैं।

OBS Image

फिर परमेश्वर ने अपनी वाचा के चिन्ह के रूप में प्रथम मेघधनुष को बनाया। जब कभी भी आकाश में मेघधनुष दिखाई देता है, तो परमेश्वर स्मरण करेगा कि उसने क्या प्रतिज्ञा की है और वैसे ही उसके लोग भी स्मरण करेंगे।


Comments

Popular posts from this blog

গভীর বাইবেল অধ্যয়ন: মথির ৭:২৩-২৯ এর অর্থ বোঝা - MATHEW 7:23-29

  গভীর বাইবেল অধ্যয়ন: মথির ৭:২৩-২৯ এর অর্থ বোঝা ভূমিকা মথির ৭:২৩-২৯ যিশুর পর্বতদেশের উপদেশের সমাপ্তি হিসেবে গণ্য হয়, যেখানে তিনি খ্রিস্টীয় নৈতিকতা এবং আধ্যাত্মিক শৃঙ্খলার মৌলিক বিষয়গুলো তুলে ধরেছেন। এই অধ্যায়টি আমাদেরকে সতর্কতা দেয় এবং যিশুর শিক্ষার উপর ভিত্তি করে জীবন গড়ার আমন্ত্রণ জানায়। এই অধ্যয়নে আমরা এই শ্লোকগুলোর অর্থ, তাদের ঐতিহাসিক প্রেক্ষাপট এবং বিশ্বাসীদের জন্য তাদের প্রয়োগ নিয়ে আলোচনা করব। ১. প্রেক্ষাপটের পটভূমি এই শিক্ষাটি বোঝার জন্য যিশু যে প্রেক্ষাপটে এই উপদেশ প্রদান করেছিলেন তা জানা জরুরি। মথির ৫-৭ অধ্যায়ে অন্তর্ভুক্ত পর্বতদেশের উপদেশটি যিশুর মন্ত্রণালয়ের প্রথম দিকে, ইহুদিদের উদ্দেশ্যে প্রদত্ত ছিল। এই জনগণ মূসার আইন এবং ফারিসীদের শিক্ষার সাথে পরিচিত ছিল, যেখানে ধর্মীয় আচার-আচরণের বহিরাগত পালনকে গুরুত্ব দেওয়া হতো। কিন্তু যিশু এই ধারণাকে চ্যালেঞ্জ করে একটি নতুন পথ নির্দেশ করেন, যা বাহ্যিক শৃঙ্খলার পরিবর্তে হৃদয়ের পরিবর্তনের উপর গুরুত্ব দেয়। ২. মথি ৭:২৩-২৯ এর ব্যাখ্যা এই অংশটি শ্লোক অনুযায়ী বিশ্লেষণ করা যাক: শ্লোক ২৩: “তখন আমি প্রকাশ্যে তাদের বলব, ‘আমি...

প্রেমের উপর একটি ধর্মোপদেশ -প্রেম - ঈশ্বরের সর্বোচ্চ আদেশ

 প্রেমের উপর একটি ধর্মোপদেশ বিষয়: প্রেম - ঈশ্বরের সর্বোচ্চ আদেশ বাইবেল রেফারেন্স: ১ করিন্থীয় ১৩:৪-৭; ১ যোহন ৪:৭-৮ প্রিয় ভাই ও বোনেরা, আজ আমরা ঈশ্বরের পবিত্র বাক্য থেকে প্রেমের বিষয়ে শিখব। প্রেম এমন একটি শক্তি, যা আমাদের জীবনকে পরিবর্তন করতে পারে, আমাদের সম্পর্ককে গঠন করতে পারে, এবং আমাদের হৃদয়ে ঈশ্বরের উপস্থিতি অনুভব করায়। প্রেমের মাধ্যমেই আমরা ঈশ্বরকে জানি এবং তাঁর সঙ্গে একাত্ম হতে পারি। প্রেমের প্রকৃতি পবিত্র বাইবেলে বলা হয়েছে, "প্রেম সহিষ্ণু এবং সদয়; প্রেম হিংসা করে না; প্রেম গর্ব করে না, দাম্ভিক হয় না; তা অসভ্য হয় না, স্বার্থপর হয় না, সহজেই রাগ করে না, এবং কোনো ভুলের হিসাব রাখে না। প্রেম অসত্যের আনন্দ পায় না, বরং সত্যের আনন্দে মুগ্ধ হয়। সবকিছু সহ্য করে, সবকিছুর বিশ্বাস রাখে, সবকিছু আশা করে, সবকিছু সহ্য করে।" (১ করিন্থীয় ১৩:৪-৭)। এই আয়াতগুলি আমাদের প্রেমের প্রকৃতি সম্পর্কে শিখায়। প্রকৃত প্রেম শুধুমাত্র অনুভূতি নয়; এটি ক্রিয়া। প্রেম মৃদু, সহনশীল, এবং বিনয়ী। এটি অন্যদের দোষ ধরে না এবং ঈর্ষা করে না। প্রেম সবকিছু সহ্য করে এবং সর্বদা আশা করে। প্রেমের উৎস প্রেম...

Tropical Storm Debby

  Tropical Storm Debby Tropical Storm Debby Makes Second Landfall in South Carolina Tropical Storm Debby  has made landfall twice along the eastern U.S. coastline. Initially, it struck the Gulf Coast of Florida as a Category 1 hurricane, and subsequently, it made a second landfall near Bulls Bay in South Carolina. Afterward, it weakened into a tropical storm with maximum sustained winds of 50 miles per hour (80 kilometers per hour). Debby’s arrival has brought heavy rainfall and potential flooding to parts of South Carolina and North Carolina. According to the National Hurricane Center, rainfall amounts of 3 to 9 inches (8 to 23 centimeters) are expected. The storm-related downpours have raised concerns about flooding in South Carolina. These rainy days have prompted residents of a South Carolina community to assess partial damages caused by Debby. Jean Taylor, waiting for water to recede from her home, had already taken precautions by moving belongings outside or to higher gr...